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बिहार के सरकारी स्कूल पूरी तरह होंगे डिजिटल, ‘ई-शिक्षाकोष’ पर 20 मई तक डेटा अपडेट का सख्त आदेश

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बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘ई-शिक्षाकोष’ पोर्टल पर छात्रों, शिक्षकों और स्कूलों का पूरा डेटा 20 मई 2026 तक अपडेट करने का आदेश दिया है।

पटना/आलम की खबर:बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल रूप देने की दिशा में शिक्षा विभाग ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों का पूरा डेटा अब एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘ई-शिक्षाकोष’ पर अनिवार्य रूप से अपडेट करने का आदेश जारी किया है। इसके लिए 20 मई 2026 तक की अंतिम समय सीमा तय की गई है और सभी जिलों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार यह पूरा अभियान राज्य की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, सटीक और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र ने सभी जिलाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में डेटा अपडेट का कार्य समय सीमा के बाद लंबित नहीं रहना चाहिए।

समीक्षा में सामने आई गंभीर खामियां

हाल ही में शिक्षा विभाग द्वारा की गई समीक्षा में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं, जिसने पूरे डिजिटल सिस्टम की आवश्यकता को और अधिक मजबूत कर दिया है। जांच के दौरान यह पाया गया कि राज्य के कई सरकारी स्कूलों में छात्रों और शिक्षकों की प्रोफाइल अधूरी पड़ी है।

कई विद्यालयों ने अब तक अपनी बुनियादी जानकारी भी पोर्टल पर दर्ज नहीं की थी, जिसके कारण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और लाभार्थियों के सत्यापन में लगातार कठिनाइयां उत्पन्न हो रही थीं। छात्रवृत्ति, पोशाक योजना और अन्य लाभकारी योजनाओं में सही डेटा उपलब्ध नहीं होने से प्रशासनिक स्तर पर भी समस्याएं बढ़ रही थीं।

इसी स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब एक सख्त और समयबद्ध अभियान शुरू किया है, जिसके तहत सभी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्रधानाध्यापकों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय

नए निर्देशों के अनुसार प्रत्येक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक को अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से छात्रों का पूरा विवरण अपडेट करना होगा। इसमें छात्र का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, कक्षा, नामांकन स्थिति, आधार विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होगी।

इसके साथ ही स्कूल की आधारभूत संरचना और अन्य शैक्षणिक विवरण भी पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य किया गया है, ताकि हर स्कूल का डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह से तैयार किया जा सके।

शिक्षकों का डेटा भी होगा पूरी तरह अपडेट

शिक्षकों की प्रोफाइल अपडेट करने की जिम्मेदारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को दी गई है। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ई-शिक्षाकोष के शिक्षक मॉड्यूल में जिन शिक्षकों के नाम के आगे लाल रंग दिखाई देता है, इसका अर्थ है कि उनका डेटा अधूरा है और उसे तुरंत अपडेट करना आवश्यक है।

वहीं जिन शिक्षकों का डेटा पूरी तरह सही और अपडेट है, उनके नाम हरे रंग में प्रदर्शित होंगे। इससे विभाग को वास्तविक स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।

शिक्षकों को भी स्वयं अपने लॉगिन के माध्यम से अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे मोबाइल नंबर, वैवाहिक स्थिति, कक्षा श्रेणी और अन्य विवरण अपडेट करने की सुविधा दी गई है।

‘ई-शिक्षाकोष’ से बदल जाएगी शिक्षा व्यवस्था

‘ई-शिक्षाकोष’ बिहार सरकार का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य राज्य के सभी सरकारी स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों का डेटा एक जगह पर उपलब्ध कराना है।

इस प्रणाली के पूरी तरह लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। फर्जी नामांकन पर रोक लगेगी, उपस्थिति प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सही लाभार्थियों तक आसानी से पहुंचेगा।

इसके अलावा विभाग को राज्य के हर छात्र और शिक्षक का सटीक डेटा उपलब्ध रहेगा, जिससे नीति निर्माण और संसाधनों के वितरण में भी सुधार आएगा।

शिक्षा व्यवस्था में आएगा बड़ा सुधार

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस डिजिटल प्रणाली से बिहार की शिक्षा व्यवस्था अधिक मजबूत और जवाबदेह बनेगी। अब हर स्कूल की वास्तविक स्थिति का डेटा रियल टाइम में उपलब्ध रहेगा, जिससे निगरानी और मूल्यांकन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

इसके साथ ही शिक्षकों की तैनाती, संसाधनों का वितरण और योजनाओं की समीक्षा भी अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।

20 मई तक अंतिम समय सीमा

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 20 मई 2026 तक सभी प्रविष्टियां हर हाल में पूरी करनी होंगी। इस आदेश की प्रतियां सभी संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई हैं और अब विभाग स्वयं इसकी नियमित निगरानी करेगा।

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